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जनपद पंचायत का कारनामा- पहली ही बरसात में बहा डेम, अधिकारी मौन ?
August 14, 2020 • Jitendra parihar

सुनहरा संसार 

 

मुरैना जिले की जनपद पंचायत सबलगढ के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर धांधली को लेकर की जा रही शिकायतों पर कार्रवाई करने के बजाय जिला प्रशासन आंख बंद करके कागजों में विकास के घोड़े दौड़ा रहा है। जबकि निर्माण कार्य, निर्माण के साथ ही दम तोड़ रहे हैं और विकास के नाम पर सरकारी खजाना लूटा जा रहा है, उदाहरण के तौर पर ग्राम पंचायत बेरखेडा़ में 15 लाख की लागत से बना स्टॉप डेम हल्की बरसात में ही दम तोड़ गया मगर जिम्मेदारों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी।

ग्राम पंचायतों में सरकार द्वारा ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए बेशक खजाने का मुंह खोल दिया गया हो मगर ग्रामीणों के लिए पंचायती विकास सफेद हाथी बनकर रह गया है , जो कागजों में तो कुछ और दिखाई देता है मगर धरातल पर देखें तो कार्य की गुणवत्ता खुद ब खुद बंदरबांट की कहानी सुनाती दिखाई दे जायेगी । 

हैरान कर देने वाली बात यह है कि जनपद पंचायत सबलगढ के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में बनाए गए स्टॉप डेम और मनरेगा के तहत वाटर सेड के कार्यों में की गई लीपापोती को लेकर लोगों ने जनपद पंचायत से लेकर संभागीय आयुक्त तक शिकायतें की मगर कार्रवाई के नाम पर दिखवाते हैं से आगे कुछ नहीं हुआ।

जनपद पंचायत में अंधेरगर्दी की बात करें तो अब से कुछ समय पहले ग्राम पंचायत रहूगांव में मृत व्यक्तियों के नाम जॉब कार्ड बनाकर मजदूरी करना दर्शाकर पैसा निकालने का मामला सामने आया था, जिसमें जनपद पंचायत स्तर पर जांच चल रही है, अब ये जांच कितनी निश्पक्ष होगी और दोषियों पर क्या कार्रवाई होगी इसे स्वतः समझा जा सकता है।

सवाल इस बात का है कि भारी भरकम प्रशासनिक व्यवस्था के बाद भी पंचायतों में रोजगार और निर्माण के नाम पर हो रही लूट-खसोट के लिए जिम्मेदार कोन है। कांग्रेस के सबलगढ ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र सिंह जादौन के मुताबिक जनपद पंचायत से लेकर जिला स्तर तक लोगों द्वारा शिकायतें की गई मगर सालों से जमे अधिकारियों की मिलीभगत से ग्राम पंचायतों में खुलेआम भ्रष्टाचार को पोषित किया जा रहा है जिसकी उच्च स्तरीय जांच होना आवश्यक है, इसके लिए उन्होंने अतिरिक्त निर्देशक जन शिकायत निवारण भोपाल के लिए पत्र लिखा है । अब देखना होगा कि शासकीय धन की लुटाई पर प्रशासन की नींद टूटती है या फिर दिखवाते हैं कहकर फिर से पर्दा डालने की कोशिश की जाएगी।